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Bhavna mayur Purohit
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टीवी धारावाहिक भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद   सुना है हमने कि लग्न सात जन्मों का बंधन हैं… किंतु,  आजकल की टीवी धारावाहिकों में तो… पहला पति फिर दूसरा पति, वापस पहला पति!!! जैसे कि एलिजाबेथ टेलर!!! पहले तो माता-पिता कन्यादान करते थे. अभी तो… वर का दान होता है!!! बच्चें अपनी माता, या तो पिता की शादी कराते हैं!!! पति अपनी पत्नी की या  फिर पत्नी अपने पति की दूसरी शादी करातें हैं!!!  प्रेमी अपनी प्रेमिका की  या फिर प्रेमिका अपने प्रेमी की  दूसरी शादी करातें हैं!!!  नायक नायिका  को…

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ज्योती  भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद 7.9.2020. ज्योती  क ई  होती हैं ज्योती  क ई होती हैं। तन की ज्योति , नेत्र ज्योती। मन की ज्योती, प्रेम ज्योती। आत्मा की ज्योती, परब्रह्म ज्योती। ज्योती क ई होती हैं। ज्योती क ई होती हैं। घर में दीपक की ज्योती । दिन में ,नभ में सूर्य ज्योती। रात्रि में, तारों की ज्योती। त्योहारों या प्रसंगों में, आतिशबाजी की ज्योती। ज्योती क ई होती हैं। ज्योती क ई होती हैं। समुद्र में दीप स्तंभ, यज्ञों में पावक लौं। ओलिंपिक में मशाल। ज्योती क ई…

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सौन्दर्य  भावना मयूर पुरोहित  हैदराबाद  18।8।2020। हिमालय  प्रवास में, बस के बाहर, तो बहार! बस सौन्दर्य  ही सौन्दर्य  किंतु, बस के भीतर  भी…  सौन्दर्य  ही सौन्दर्य!!!  एक   विरल चिरस्मरनीय दृश्य…  जो मेरे मानसपटल से, हटता ही नहीं।  ठंडी से,   बस के धक्के से, वृद्धावस्था से,  एक वृद्ध दंपति,,  थरथर  कांपना।  कंपन कंपन कंपन…  कंपित हाथों से ,संभालते हुए,  एक दूसरे को, वृद्ध  पति,  अपनी वृद्धा के लिए,  कंपित हाथों से, चाय लाया अध रुकी बससे,  उतरकर…  चलती बस में,अपनी जगह तक आते, कंपित हाथों से  पकड़े,  चाय का प्याला।फिर  कंपन, …

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बाल गणेश भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद। बाल गणेश बालकों अपनी पसंदीदा गणेश का चित्र बनाते हैं। अपने मनपसंद रंगो, भरते हैं। फिर मिट्टी से , गणेश बनाते हैं। गणेश चतुर्थी को ,  स्थापित करते हैं। मम्मी को कहतें है,”सभी भगवान के जन्म दिन पर उपवास रखना,और गणेश जी  के जन्म दिन लड्डु खाना!  मां मेरे गणेश के लिए लड्डुओं बना दो।” फिर अपने मित्रों को  बुलातें हैं। “मेरे एलिफन्ट गोड को, देखने आ जाओं, मैं सबको लड्डु दुंगा।” गणेशजी के साथ, चूहे मामा को भी , बनातें है। चूहे मामा…

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मुसी  और पेट भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद 14/8/2020/ बंगाल की दामोदर नदी का उमनाम है,” बंगाल का दुःख “। बिहार की कोसी नदी का उपनाम  है,” बिहार का दुःख “। अधिक बाढ़ आने के कारण,  यह दो नदियों को ऐसे उपनामों  मिले हैं। यदि… हमारी मुसी नदी बहेगी… तो बाढ़ आती रहेगी। हमारी मुसी नदी को होती थी खुशी, जब वह बहती थी!!! मुसी  क्रिष्ना नदी की शाखा, जिसके  तट  पर हमारा नगर हैदराबाद  बसा है। मुसी के तट के पास ओल्ड सीटी, जो पहले   था, ‘ गोल्ड सीटी’!!! मुसी…

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आजादी   आजादी के पूर्व, भारतीय लोगों लगाते थे नारा_   “भारत छोड़ों, भारत छोड़ों।” अंग्रेजों के विरुद्ध!!! एकसूत्रता से बांधने, पुरे देश को,   एक   भाषा से जोड़ों।। हिन्दी।  जीसको   घोषित, करना  होगा राष्ट्र भाषा हिंदी। आजादी के लिए… अपने  खून की नदियां बहाई थी शहिदों ने। पारिवारिक सुखों की, कुर्बानीं दीं  थी , स्वातंत्र्य सेनानीयों ने। सभी आबालवृद्ध  नागरिकों ने। तब हमें मिली थी आजादी! आजादी  के बाद… हिंद में माहौल आ गया था, अंग्रेजी का !!! “हिंदी छोड़ों, अपने आप को अंग्रेजी , के साथ जोड़ों।” किंतु अभी…

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        रेडियो मेरा प्रिय उपकरण है।  मैं बचपन से रेडियो सुनती आ रही हूं। रेडियो सुनते सुनते अपने काम  कहा हो जाता है मालूम नहीं पड़ता। एक बार मेरी माता अपने मैंके  गई थी। सारा काम मेरे पर आ गया था। मैं रेडियो सुनती जाती थी और अपना काम करती जाती थी। एक बार मेरा रेडियो खराब हो गया।  माता और  रेडियो दोनों को याद करते हुए मैं मन ही मन में गीत गाती थी,”तुम्हारे बिना जी नहीं लगें घर में।”   फिर  मेरी शादी बड़े परिवार…

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    सरकार द्वारा घोषित नई  शिक्षा नीति : सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति का पुरे हृदय तल से स्वागत है। 5+3+3+4 अभी अभी जारी किया गया सरकारी फरमान के हिसाब से, एक से पांच कक्षा प्राथमिक शिक्षण। छः से आठ माध्यमिक ।नव से ग्यारह तक हाई स्कूल।  फिर चार साल तक महा विद्यालय।   यहां बच्चों के व्यवहारिक ज्ञान  पर ज्यादा ध्यान दीया जायेगा। इस लिए बच्चों पर पढ़ाई का अधिक बोज नहीं  आयेगा। आठवीं कक्षा से बच्चें अपने विषय चुन सकते हैं।   पहले बच्चों को कोई…

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दुर्लभ   सुलभ भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद 25//7//2020//   कुछ अमूल्य चीजों का अवमूल्यन हो गया!!! कुछ दुर्लभ चीजों हो गई है सुलभ… कुछ प्राणीयों की जातियों का नामशेष हो गया. कछुआ  अगरबत्ती होकर, धुआँ हो गया… गेंडा चवन्नी का हो गया था… अभी तो चवन्नी भी दुर्लभ हो गई… जंगल का महाराजा लायन, लायन्स कल्ब का सदस्य हो कर, गलियों में फिरता है… अच्छा हुआ कि डायनासोर, नामशेष हो गया, वरनाँ आज, मनुष्यों  की हस्तियाँ नहीं होती!!! *************** कुछ दुर्लभ चीजों, अपने नाम की पुनरावृत्ति के कारण, आजकल सुलभ हो…

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