ससुराल वो भी गांव मे

दो साल के लम्बे वक्त के बाद कालेज की सहेलियों का ग्रुप आज फुर्सत में मिल रहा था| करने को बातें हजारों थी मगर हजार बातों में भी बीना बड़े गौर से निक्की को ऊपर से नीचे देखती कभी उसकी आंखों में झांकती कभी उसकी बातों की डोर को लपक कर सीधी करने की नाकाम कोशिश करती|  बहुत हैरान थे सब जब पता चला था कि निक्की की होने वाली ससुराल गांव में है | उन अक्खड़ स्वभाव और देशी मिजाज बारातियों में एक भी लड़की ना आयी देख सब…

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कोरोना की कहानी दादी माँ की ज़ुबानी

“दादी.. दादी हमें नींद नहीं आ रही है। एक कहानी सुनाओं ना।”, रीता और मोनु एक साथ बोले।“अच्छा.. अच्छा कौन सी कहानी सुनानी है? राजा – रानी की या चुन्नू – मुन्नू की या भूतों वाली, बोलो कौन सी सुनाऊं?”, दादी ने कहा।“नहीं .. नहीं दादी ये सारी कहानियां तो हमने बहुत बार सुनी है। इस बार आप कोई और कहानी सुनाओ,” बच्चों ने कहा।दादी ने दिमाग पर जो़र डालते हुए कहा, “अच्छा आज मैं तुम दोनों को एक बहुत अलग और अनोखी कहानी सुनाती हूं। जाओं गोलू और मुन्नी…

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सीखने मे क्या बुराई है

ऋषभ, सुनो ना, सुरभि ने कहा, हाँ बोलो सुरभि – मैं सुन रहा हूँ, ऋषभ ने मोबाइल में आँखें गडाए हुए कहा, इधर देखो मुझे, सुरभि ने कहा – हाँ बाबा लो रख दिया फोन, अब बोलो ऋषभ ने कहा | “मुझे ड्राइविंग सीखनी है” सुरभि ने ऋषभ का हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा” | अरे तुम्हें ड्राइविंग सीखने की क्या जरुरत है, मैं हूँ ना तुम्हारा परमानेंट ड्राइवर, ऋषभ ने कहा और वैसे भी मैंडम मुझे अपनी कार बहुत प्यारी है,सो मैं उसे तुम्हें देने से रहा,…

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आजादी के मायने

आज जब भारत अपना ७४ वाँ स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। ऐसे में मन मे बार बार यही सवाल उठता है कि हमारे लिए आजादी के क्या मायने है ,क्या है स्वतंत्रता का अर्थ ? क्या सिर्फ विचारो की स्वंतत्रता या फिर हमे संविधान मे जो मूलभूत अधिकार दिए गए है उन्हे पा लेना ही स्वतंत्रता है? शायद नहीं।            हो सकता है इस बारे मे सबके मत अलग अलग हों कितु मेरा व्यक्तिगत विचार यह है कि हमारी आजादी सही मायने मे तब है जब…

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रेडियो

        रेडियो मेरा प्रिय उपकरण है।  मैं बचपन से रेडियो सुनती आ रही हूं। रेडियो सुनते सुनते अपने काम  कहा हो जाता है मालूम नहीं पड़ता। एक बार मेरी माता अपने मैंके  गई थी। सारा काम मेरे पर आ गया था। मैं रेडियो सुनती जाती थी और अपना काम करती जाती थी। एक बार मेरा रेडियो खराब हो गया।  माता और  रेडियो दोनों को याद करते हुए मैं मन ही मन में गीत गाती थी,”तुम्हारे बिना जी नहीं लगें घर में।”   फिर  मेरी शादी बड़े परिवार…

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