अतिथिः असुरोंःभव्ः

 ।।।अतिथिः असुरोंः भवः।।।    सुबह-सुबह फोन की घंटी बजी।  हेलो!  प्रणाम बड़े भैया!    कौन बोल रहा है?  “अरे ! हम बोल रहे हैं ,आपके प्यारे राम जी अंकल के छोटे बेटे विपिन। हम दिल्ली आ रहे थे ,सोचा आप से मिल लें। “  हमें ध्यान आया  के पापा के ऑफिस में राम जी अंकल काम करते थे पर अब तो पापा रहे नहीं । “चलो ठीक है, आ जाओ ,बैठ कर बातें करेंगे ।”    श्रीमती जी ने पूछा? “आप इनको जानते हैं” मैंने कहा! “बहुत अच्छी तरह नहीं,…

Read More

दर्द और सुकून

रात के 8 बजे 101 बुखार तेज ठंडी हवाएं बदन दर्द से टूट रहा था ,बिजली कड़क रही थी ,जैसे अभी तेज बारिश होगी ,वो लड़का घर के बाहर बैठा था इंतजार में ,उसने 5 मिनट में कॉल करने को कहा था ! वाजिब है इंतजार करेगा ही ,उसको हर दर्द का मरहम उसकी आवाज में मिल जाने लगा था,दवाओं का पैकेट हाथ में था पर खाने का मन नहीं था , उसे पता था अभी कॉल आयेगा वो प्यार से बात करेगी और उसके हर दर्द को दूर कर…

Read More

मेरा प्यार

हिंदी दिवस पर विशेष:                                    मेरा प्यार   “सुनो पढ़ना इसे! पन्ने पढ़कर गंदे हों  धूल से नहीं।” हाथों में मोटा सा उपन्यास थमाते हुये आदित्य ने जब ये कहा तो मेरे होश फ़ाख्ता हो गये थे।   “हाँ”   बस इतना ही कह पाई थी। किताब वजनी थी, उठाने में भी और पढने में भी। कहाँ मेरे जैसी शरारती लड़की व कहाँ वह धीर- गंभीर पुरुष। हमारा कोई मैच ही नहीं था पर…

Read More

ससुराल वो भी गांव मे

दो साल के लम्बे वक्त के बाद कालेज की सहेलियों का ग्रुप आज फुर्सत में मिल रहा था| करने को बातें हजारों थी मगर हजार बातों में भी बीना बड़े गौर से निक्की को ऊपर से नीचे देखती कभी उसकी आंखों में झांकती कभी उसकी बातों की डोर को लपक कर सीधी करने की नाकाम कोशिश करती|  बहुत हैरान थे सब जब पता चला था कि निक्की की होने वाली ससुराल गांव में है | उन अक्खड़ स्वभाव और देशी मिजाज बारातियों में एक भी लड़की ना आयी देख सब…

Read More

मापदंड

मापदंड  अगर होता प्रेम नापने का मापदंड कोई , तो स्त्री होती उसकी इकाई, इस चेहरे पर देखता है पुरुष अपनी जीवन भर की कमाई परत दर परत सुख-दुख, उत्साह ,प्रेम के सम्मिश्रण की, एक और परत सहनशीलता की, दुनिया को बेहतर बनाने का इरादा, और खुशियों को समेटने की जिद, एक सरलता जो सिर्फ झुकना जानती है, एक मनुहार जो कभी प्रेम का विरोध नहीं करती आईने की तरह है स्त्री का चेहरा जिसमें रचता है पुरुष अपना मोहरा और देखता है अपना चेहरा अपनी ताकत अपना प्रेम सर्वस्व…

Read More