तलाश

मैं अक्सर उदास रहता हूं आजकल  मुझे तेरी मौज़ूदगी की तलाश है। ये चांद ओर सितारे जो ओझल से लगते है, मुझे अब सिर्फ जुगनुओं की तलाश है। सुन ऐ जन्नत मेरी भले तू मुझसे खफा है, मुझे अब सिर्फ ज़िन्दगी की तलाश है। बहुत अकेला हो गया हूं जाने क्यों? मुझे किसी साथ की तलाश है। अजीब रुकावट वाले रास्ते तो बहुत है, मुझे मुक़म्मल मंज़िल की तलाश है। ढूंढ रहा हूं खुद में अब मुसलसल, यकीनन अब मुझे खुद की ही तलाश है।  

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चाय और चाह

सौन्दर्य  भावना मयूर पुरोहित  हैदराबाद  18।8।2020। हिमालय  प्रवास में, बस के बाहर, तो बहार! बस सौन्दर्य  ही सौन्दर्य  किंतु, बस के भीतर  भी…  सौन्दर्य  ही सौन्दर्य!!!  एक   विरल चिरस्मरनीय दृश्य…  जो मेरे मानसपटल से, हटता ही नहीं।  ठंडी से,   बस के धक्के से, वृद्धावस्था से,  एक वृद्ध दंपति,,  थरथर  कांपना।  कंपन कंपन कंपन…  कंपित हाथों से ,संभालते हुए,  एक दूसरे को, वृद्ध  पति,  अपनी वृद्धा के लिए,  कंपित हाथों से, चाय लाया अध रुकी बससे,  उतरकर…  चलती बस में,अपनी जगह तक आते, कंपित हाथों से  पकड़े,  चाय का प्याला।फिर  कंपन, …

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बाल गणेश

बाल गणेश भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद। बाल गणेश बालकों अपनी पसंदीदा गणेश का चित्र बनाते हैं। अपने मनपसंद रंगो, भरते हैं। फिर मिट्टी से , गणेश बनाते हैं। गणेश चतुर्थी को ,  स्थापित करते हैं। मम्मी को कहतें है,”सभी भगवान के जन्म दिन पर उपवास रखना,और गणेश जी  के जन्म दिन लड्डु खाना!  मां मेरे गणेश के लिए लड्डुओं बना दो।” फिर अपने मित्रों को  बुलातें हैं। “मेरे एलिफन्ट गोड को, देखने आ जाओं, मैं सबको लड्डु दुंगा।” गणेशजी के साथ, चूहे मामा को भी , बनातें है। चूहे मामा…

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दुर्लभ

दुर्लभ   सुलभ भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद 25//7//2020//   कुछ अमूल्य चीजों का अवमूल्यन हो गया!!! कुछ दुर्लभ चीजों हो गई है सुलभ… कुछ प्राणीयों की जातियों का नामशेष हो गया. कछुआ  अगरबत्ती होकर, धुआँ हो गया… गेंडा चवन्नी का हो गया था… अभी तो चवन्नी भी दुर्लभ हो गई… जंगल का महाराजा लायन, लायन्स कल्ब का सदस्य हो कर, गलियों में फिरता है… अच्छा हुआ कि डायनासोर, नामशेष हो गया, वरनाँ आज, मनुष्यों  की हस्तियाँ नहीं होती!!! *************** कुछ दुर्लभ चीजों, अपने नाम की पुनरावृत्ति के कारण, आजकल सुलभ हो…

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रंगोली

तीन रंगोंलियां तीन रंगोंलीयां टीवी के अंदर ! तीन रंगोंलीयां टीवी के बाहर! टीवी के अंदर की रंगोलीयां हैं… रंगोली कार्यक्रम में, फिल्म रंगोली, का गाना, रंगोली सजाओ रंगोली सजाओ। टीवी के बाहर की रंगोलीयां हैं… दिपावली की रंगोली,मन के तरंगों की रंगोली, कुदरत की रंगोली। एक बार दिपावली रविवार के दिन,टीवी में , रंगोली कार्यक्रम में, रंगोली फिल्म का गाना आ रहा था… रंगोली सजाओ (२) टीवी के बाहर , दीवान कक्ष में, मैं रंगोली सजा रही थी, दिपावली के लिए… मेरी गतिहीन रंगोली में, हूबहू रंग भरने हेतु,…

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