बच्चे हमारे सपने पूरे करने की मशीन नहीं

घटना १- छः साल के आरव ने जब रोलर स्कैट्स सीखा तो मानो उसके माता-पिता के सपनों को पहिए लग गए, बेचारे आरव को सुबह चार बजे उठा दिया जाता और पाँच बजे से उसकी ट्रेनिंग शुरू हो जाती,फिर घर आकर स्कूल के लिए तैयार हो कर स्कूल जाता, दिन भर स्कूल में भी अव्वल आने का बोझ रहता.फिर घर आकर शाम को स्केटिंग की प्रेक्टिस के लिए जाना होता,इतना सब होने के बाद जब वो मासूम स्टेट लेवल चैंपियनशिप में अपने से बड़े बच्चोंं को हराकर सेकेंड पोजिशन में…

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मां क्या तुम मेरी हत्या करवाओगी

मां, क्या तुम मेरी हत्या करवाओगी,.. मां, क्या तुम मेरी हत्या करवाओगी,.. क्या मुझे इस दुनिया में नहीं लाओगी, सुपारी दोगी, कथित गुंडों को , मुझे कोख में ही मार देंगे, फिर तुम भी तो,हत्यारी कहलाओगी, माना ,पिता हृदय हीन होगा, तुम इतनी कठोर कैसे बन जाओगी,… मां , क्या तुम मेरी हत्या करवाओगी , समाज और रिश्तेदारों की बातों में आओगी, ऐसी क्या मजबूरी ,कि बेटा है इतना जरूरी , मेरे बदले में एक बेटा पाओगी, क्या वो बेटा अच्छा ही होगा, हत्यारों का खून दौड़ेगा उसमें, वो कैसे…

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