जब मैं और तुम हम हुए..

जब मैं और तुम हम हुए, जीवन के सारे रंग खिले कोरा कोरा जीवन मेरा, तुमने बसंती रंग भरे, जब मैं और तुम हम हुए…   जीवन जीना है, जीते हैं, हंसना रोना सब करते हैं, सुख दुःख में जो साथ रहे, वो साथी लेकिन कब मिलते हैं साथ निभाना क्या होता है, तुमने मेरे भ्रम हरे , जब मैं और तुम हम हुए…   रूठ जाना, कभी अपना बनाना, कभी यूँ ही हँसते हँसते आंसू बहाना जीवन के कड़वे अनुभव को भी कैसे खट्टा चूरन चटाना, ये सारे गुण…

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तलाश

मैं अक्सर उदास रहता हूं आजकल  मुझे तेरी मौज़ूदगी की तलाश है। ये चांद ओर सितारे जो ओझल से लगते है, मुझे अब सिर्फ जुगनुओं की तलाश है। सुन ऐ जन्नत मेरी भले तू मुझसे खफा है, मुझे अब सिर्फ ज़िन्दगी की तलाश है। बहुत अकेला हो गया हूं जाने क्यों? मुझे किसी साथ की तलाश है। अजीब रुकावट वाले रास्ते तो बहुत है, मुझे मुक़म्मल मंज़िल की तलाश है। ढूंढ रहा हूं खुद में अब मुसलसल, यकीनन अब मुझे खुद की ही तलाश है।  

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ससुराल वो भी गांव मे

दो साल के लम्बे वक्त के बाद कालेज की सहेलियों का ग्रुप आज फुर्सत में मिल रहा था| करने को बातें हजारों थी मगर हजार बातों में भी बीना बड़े गौर से निक्की को ऊपर से नीचे देखती कभी उसकी आंखों में झांकती कभी उसकी बातों की डोर को लपक कर सीधी करने की नाकाम कोशिश करती|  बहुत हैरान थे सब जब पता चला था कि निक्की की होने वाली ससुराल गांव में है | उन अक्खड़ स्वभाव और देशी मिजाज बारातियों में एक भी लड़की ना आयी देख सब…

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चाय और चाह

सौन्दर्य  भावना मयूर पुरोहित  हैदराबाद  18।8।2020। हिमालय  प्रवास में, बस के बाहर, तो बहार! बस सौन्दर्य  ही सौन्दर्य  किंतु, बस के भीतर  भी…  सौन्दर्य  ही सौन्दर्य!!!  एक   विरल चिरस्मरनीय दृश्य…  जो मेरे मानसपटल से, हटता ही नहीं।  ठंडी से,   बस के धक्के से, वृद्धावस्था से,  एक वृद्ध दंपति,,  थरथर  कांपना।  कंपन कंपन कंपन…  कंपित हाथों से ,संभालते हुए,  एक दूसरे को, वृद्ध  पति,  अपनी वृद्धा के लिए,  कंपित हाथों से, चाय लाया अध रुकी बससे,  उतरकर…  चलती बस में,अपनी जगह तक आते, कंपित हाथों से  पकड़े,  चाय का प्याला।फिर  कंपन, …

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A symbol of patience and peace-Dalai Lama

DALAI LAMA is a symbol of peace and infinite patience. In addition to being the spiritual leader of Tibet, he is also the face of the political activism of his country. Lhamo Thondup was born on 6 July 1935 in Taktser, to the northeast of Tibet, to a humble peasant family. At the age of two, he was located by the religious officials and recognized as the reincarnation of the 13th Dalai Lama, Thubten Gyatso. He was renamed Tenzin Gyatso and was recognized as the 14th Dalai Lama. Dalai Lama…

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