बच्चे हमारी धरोहर

ईश्वर का उपहार है बच्चें  माँ पिता का प्यार है बच्चे, बच्चों बिन सुनी है बगियाँ जैसे बिन फूलों के डालियाँ।   बच्चों को खिलने देना है रोक टोक कर मुरझा न देना, जिस दिन नाम कमाएँ जग में उस दिन कृतज्ञ प्रभु के होना।   संस्कार भी ऐसे देना सबको प्यार ,समान करें, जितना भी आगे बढ जाएं मन मे न अहंकार करें।   बच्चें काल को कैसे होंगे इस सोच से पहले खुद को परखे, इनको तुम कल दोष न देना ये तो प्रतिबिम्ब हमारा होते।   राधा…

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do you know how much you really eat?

“REMEMBER WHEN YOUR BODY IS HUNGRY, IT WANTS NUTRIENTS, NOT CALORIES”   How much food you need depends on many factors, including your height, age, sex, health, job, physical activities, body size, environmental factors, body composition, and what medications you may be taking. Optimum food intake depends on how many calories you need. Now a point comes how much food you should eat .If you consume more calories than you burn off, you are likely to put on weight. It is important to eat a variety of natural foods to stay…

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वर्ल्ड हार्ट डेः- रखिए अपने दिल का खयाल

29 सितंबर को ‘विश्व हृदय दिवस’ मनाया जा रहा है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को हृदयरोग के बारे में जागरूक करना है. हृदयरोग के मरीजों की संख्या दुनियाभर में लगातार बढ़ती जा रही है. डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना महामारी समय में दिल की बीमारी लोगों को ज्यादा नुकसान पंहुचा रही है, जिसकी वजह से कोविड-19 के डर से दिल के मरीज घर में ही रहने के लिए मजबूर हैं. वहीं मरीज अपने रेगुलर चेकअप के लिए भी नहीं जा पा रहें हैं. गलत खानपान, हर वक्त तनाव…

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सीखने की कोई उम्र नहीं होती – करथियानी अम्मा

कौन कहता है कि बढ़ती उम्र किसी काम को करने में रुकावट पैदा करती है। अगर आप हुनरमंद हैं और आपके अंदर किसी काम को करने का जुनून है तो इस जुनून को किसी भी उम्र में सच किया जा सकता है। अगर आपको हमारी बातों पर यकीन नहीं तो यह खबर आपको यकीन दिलाने के लिए काफी है। खबर केरल की है जहां एक 96 साल की अम्मा ने अपनी लगन और इच्छाशक्ति से वो कर दिखाया, जिसे लोग खयालों में भी नहीं सोच सकते। केरल के अलापुझा जिले…

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गुलमोहर

गुलमोहर  मेरा मन बहुत चंचल है ,प्रक्रति की हरयाली को देख कर लगता है, की बस सब कुछ छोड कर प्रकृति की गोद मे चली जाऊ,पर इतनी सारी जिम्मेदारी है, की फिलहाल तो ये अभी संभव नही है, बस अब घर वहा लेलिया जहा बहुत ज्यादा हरयाली है ,मेरा मन बस अपने आस पास हरयाली  देख कर खुश हो जाती  हूँ बस आज सुबह गुलमोहर की याद आगई कीतना सुन्दर फूल होता है गुलमोहर का मुझे याद है , एक बार मे महारास्ट्र गई थी ,इंदौर से बॉम्बे बाय रोड तब महारास्ट्र में १ गाव आया था तब…

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