मुसी और पेट

मुसी  और पेट भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद 14/8/2020/ बंगाल की दामोदर नदी का उमनाम है,” बंगाल का दुःख “। बिहार की कोसी नदी का उपनाम  है,” बिहार का दुःख “। अधिक बाढ़ आने के कारण,  यह दो नदियों को ऐसे उपनामों  मिले हैं। यदि… हमारी मुसी नदी बहेगी… तो बाढ़ आती रहेगी। हमारी मुसी नदी को होती थी खुशी, जब वह बहती थी!!! मुसी  क्रिष्ना नदी की शाखा, जिसके  तट  पर हमारा नगर हैदराबाद  बसा है। मुसी के तट के पास ओल्ड सीटी, जो पहले   था, ‘ गोल्ड सीटी’!!! मुसी…

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सीखने मे क्या बुराई है

ऋषभ, सुनो ना, सुरभि ने कहा, हाँ बोलो सुरभि – मैं सुन रहा हूँ, ऋषभ ने मोबाइल में आँखें गडाए हुए कहा, इधर देखो मुझे, सुरभि ने कहा – हाँ बाबा लो रख दिया फोन, अब बोलो ऋषभ ने कहा | “मुझे ड्राइविंग सीखनी है” सुरभि ने ऋषभ का हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा” | अरे तुम्हें ड्राइविंग सीखने की क्या जरुरत है, मैं हूँ ना तुम्हारा परमानेंट ड्राइवर, ऋषभ ने कहा और वैसे भी मैंडम मुझे अपनी कार बहुत प्यारी है,सो मैं उसे तुम्हें देने से रहा,…

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दादू

“पता नहीं इस मास्क से कब आज़ादी मिलेगी, परेशान हो गए हम तो” झल्लाते हुए सोनू बोला । “हाँ भैया, इस मास्क को लगाकर साईकल भी नहीं चलाई जाती, कितना दम घुटने लगता है” मुंह से मास्क उतार कर फेंकती हुई रिंकी बोली । “सच में, मास्क लगाकर सैर करना भी मुश्किल हो रहा है। पता नहीं कब इस महामारी से आज़ादी मिलेगी, मैं भी परेशान हो गई, कामवाली बाई के न आने से घर का सारा काम अकेले करना पड़ रहा है, हाथ-पैर दुखने लगते हैं और ऊपर से…

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सिद्धार्थ मंडला- इलेक्ट्रो शू के आविष्कारक

16 दिसंबर 2012 की वो रात को हम आज भी नहीं भूल सकते, उस निकृष्ट घटना का शिकार हम भले ही नहीं हुए थे, लेकिन उसका दर्द, उससे उपजा डर आज भी हर माँ की आंखों में साफ नज़र आता है। जी हाँ, यहाँ हम बात कर रहे हैं निर्भया हादसे की, 16 दिसंबर 2012 की रात जो जिस हैवानियत की वो शिकार हुई थी, उसे सोच कर ही हमारी रूह कांप उठती है। वो रात शायद स्वतंत्र भारत की सबसे स्याह रातों में से एक होगी, जब इंसानियत तार…

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भाई !बहुत गर्मी है

।।।भाई! बहुत गर्मी है।।। भाई साहब आजकल बहुत गर्मी है । हर जगह लोगों के पसीने छूट रहे हैं। कितनी भी ठंडी हवा चले, पर “बहुत गर्मी है” , कितना भी ए. सी .चले, “बहुत गर्मी है” जहां देखो गरमा गरम नजारा है। अंदर- बाहर, ऊपर- नीचे, दाएं- बाएं सब के पास गर्मी है। आजकल गर्म हवा के साथ गर्म बातें चल रही हैं। थपेड़ों जैसी लग रही हैं। ऐसा लगता है कि आजकल सूरज जी ने अनेकों रूप धारण कर लिए हैं । और सब धरती मैया पर अपनी…

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