सात समुंदर पार से

 

रिया बेटा क्या हुआ आज सुबह से उदास हो ,रिया की मम्मा राम्या ने जब रिया से पूछा तब रिया रोने लगी कि मम्मा आज पापा की बहुत याद आ रही है। मम्मा आप बताओ ना पापा कब आयेंगे।

रिया के सवाल सुनते ही राम्या का दिल भर आया और अपनी सात साल की नन्हीं गुड़िया से आंखें छिपा कर राम्या दूसरे कमरे में जाकर अपने आंसू पोंछ कर फिर अपनी बेटी के पास आकर उसे हिम्मत देने लगी। रिया बेटा आपको क्या लगता है,आपके पास स्ट्रॉन्ग हैं या नहीं। रिया ने तपाक से जवाब दिया मम्मा मेरे पापा सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग हैं।

हां बेटा भगवान जी ने आपके पापा को बहुत ताकत दी है इसलिए वो हम सबसे दूर हैं और हमारे देश की सेवा करते हैं। 

मम्मा आप सही कह रहे हो ये हिम्मत हर किसी में नही होती है मेरे पापा बेस्ट हैं।

राम्या ने रिया को तो समझा लिया लेकिन खुद को अक्सर नहीं समझा पाती क्योंकि वो जानती है उसके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं और वो देश की लड़ाई लड़ते हुए शहीद हो गए हैं कुछ महीनों पहले लेकिन इस नादान गुड़िया को अभी इतना बड़ा दुख नही दे सकती है क्योंकि उसकी बेटी अभी इस उम्र में समझ नहीं पाएगी ये सच अपना नहीं पाएगी कि उसके पापा जिनके लिए वो हर रात गाना गाती है, “सात समुन्दर पार से गुड़ियों के बाजार से अच्छी सी गुड़िया लाना  चाहे गुड़िया ना लाना लेकिन पापा जल्दी आ जाना” वो पापा अब कभी नहीं आएंगे।

आज बीस साल के बाद जब रिया ने मां को गले लगा कर शुक्रिया कहा कि माँ आपने सब कुछ अकेले ही झेल लिया मैं आपके साथ होकर भी उस दुख में आपके साथ नहीं थी पर मां अगर आप मुझे उस समय ये बात बता देती तो शायद मैं आज देश के लिये नही लड़ने जाती मां। आज इतने बड़े पद पर होकर मैं अपने देश के लिए लड़ने जा रही हूं सिर्फ आपके कारण मां। आप कहती थी ना भगवान ने पापा को बहुत स्ट्रांग बनाया है पर मां उनसे ज्यादा स्ट्रांग आप हो क्योंकि आपने इतनी हिम्मत करके आज मुझे भी देश के लिये लड़ने लायक बना दिया है मां आज एक बार फिर गाना गाएंगे हम साथ मैं वही वाला सात समंदर पार से।।

चित्र आभार – गूगल

 

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