सच्चे दोस्त खोता बचपन

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कुछ रिश्ते भगवान बनाता है,कुछ रिश्ते इंसान बनाता है,लेकिन एक रिश्ता जो सबसे प्यरा होता है,और जिसे हम खद चुनते है वो है,दोस्ती।कहते है,अगर आपके पास एक भी सच्चा दोस्त है, जो आपके हर सुख दुख में आपके साथ हो,जिसके साथ आप आपने दिल की हर बात कर सको ,तो आप बहुत किस्मत वाले हो।
धोनी से लेकर शाहरुख तक हर किसी की सफलता के पीछे उनके दोस्तों का बडा योगदान है,वैसे इतनी दूर क्यों जाना आज हमारे आपके हम सभी के जीवन में ऐसा कोई दोस्त जरूर होगा जो हमें हमसे भी अच्छी तरह जानता होगा,जो हमारे हर बुरे वक्त में हमारे साथ खडा होता है,और हम भी अपनी हर खुशी या गम में सबसे पहले उसी को याद करते हैं।
लेकिन क्या हमारे बच्चों के पास ऐसा कोई दोस्त है,क्या उन्हें पता है,कि सच्ची दोस्ती क्या होती है,शायद नहीं।और इसके पीछे कहीं न कहीं जिम्मेदार हम ही है।आज जहाँ ज्यादातर न्युक्लियर फैमिली होती है और बच्चा ऐक ही होता है,दोनो पेरेंट वर्किंग होते है,वहाँ स्थिति और भी,भयवाह हो जाती है।बच्चे के पास कोई नहीं होता जिससे वो अपनी फीलिंग शेयर कर सके।

तो क्यो न बच्चों को सच्ची दोस्ती की कीमत समझाई जाए। 

दोस्तों का चुनाव स्वयं करने दे— अक्सर हम माएँ कहती है ,तुम्हारा फलां दोस्त सही नहीं है ..या फिर हम अपने स्टेटस, बच्चे के मेंटल लेवल यनी अगर बच्चा क्लास में फस्ट आता है तो ओके और कम मार्क्स लाता है तो दोस्ती नहीं की जा सकती है, ऐसे कई पैमाने बना देते है जो.कतई सही नहीं है।

पहले खुद अच्छा दोस्त बनो— बच्चो को सिखाएँ कि अच्छा दोस्त पाने के लिए पहले अच्छा दोस्त बनना होगा,आगर आपके दोस्त मेंं कोई बुरी आदत है,तो उस आदत को छोडने में उसकी मदद करो,अगर दोस्त पढाई में वीक है,तो पढने में उसकी मदद करो।

दोस्त ,दोस्त होता— दोस्ती में स्टेटस, जेंडर ऐसी अन्य बातें बिल्कुल भी माइने नहीं रखती, तो ऐसी बाते खुद के और बच्चों के दिमाग में न आने दे।
शेयरिंग आच्छी है –आगर बच्चा अपने फ्रैंडस के साथ अपना लंच,अपने गेम्स आदि शेयर करना चाहता है,तो करने दे,इससे उनकी दोस्ती और मजबूत होगी।

ब्च्चों के सामने उनके दोस्तो की बुराई न करें–हम अक्सर हम कहते हैं ,कहाँ  से सीखी ये बुरी आदत जरूर अपने उस दोस्त से सीखा होगा।ऐसा कहने की बजाए  आप उन्हे प्यर से समझाए कि अच्छी और बुरे में हमें क्या चुनना है,ये हम पर निर्भर करता है।
आज की भगती दौडती लाइफ में हमारे बच्चों को भी जरूरत है उम्र भर साथ निभाए ऐसे दोस्त की..तो उन्हें भी गाने दे…”ये दोस्ती हम नहीं तोडेगे।”

मंजुला दूसी

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