मुसी और पेट

मुसी  और पेट

भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद

14/8/2020/

बंगाल की दामोदर नदी का उमनाम है,” बंगाल का दुःख “।

बिहार की कोसी नदी का उपनाम 

है,” बिहार का दुःख “।

अधिक बाढ़ आने के कारण, 

यह दो नदियों को ऐसे उपनामों 

मिले हैं। यदि…

हमारी मुसी नदी बहेगी… तो

बाढ़ आती रहेगी।

हमारी मुसी नदी को होती थी खुशी, जब वह बहती थी!!!

मुसी  क्रिष्ना नदी की शाखा,

जिसके  तट  पर हमारा नगर

हैदराबाद  बसा है।

मुसी के तट के पास ओल्ड सीटी,

जो पहले   था, ‘ गोल्ड सीटी’!!!

मुसी हमारे कितने सारे,

पेट भरती थीं …  और, 

आगे भी भरती रहेगी।

जब वह बहेगी, बहती रहेगी।

*****  ***** *****

पहले हम पेट संबंधित दो 

कहावतों याद  कर लेंगें।

भूख लगे तो पेट में चूहें दौडें।

कभी ज्यादा हँसी आये तो,

हम कहते हैं पेट पकड़ कर हँसना।

*****  *****  *****

हमारें हैदराबाद में, सबसे पहले तो गंडीपेट । पेट तो पेट है,

चाहे वह बादशाह का हो या

बेगम पेट। गोराकाला या लालपेट।

तोता हो या कोत्तापेट।

वैद्य हो या हाकिम पेट ।

मलम हो या मलकम पेट।

बलवान हो या बलकम पेट।

समीर हो या सामिर पेट।

आसमान हो या उसमान पेट।

चंद्रा हो या सूर्यापेट।

मिट्टी हो या धूल पेट ।

रिद्धि हो या सिद्धि पेट 

नवाब हो या निझाम पेट।

अभी, हमारी मुसी में लहरों नहीं हैं।

मुसी  में से  नहरों भी नहीं है।

मुसी  मुसीबतों में हैं।

फिर भी, मुसी नदी के,

पुण्यों की  महेर नजर हैं।

इस लिए  हैदराबाद आबाद नगर है।

अभी मुसी नदी का प्रोजेक्ट ,

तैयार होने वाला है।

मुसी नदी फिर , लहरों से,

दो  किनारों से, बहने लगेगी,

और…

मुसी नदी भविष्य में,

फिर से , सभी के,

पेट भरती रहेगी ।

भावना मयूर पुरोहित हैदराबाद

 

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