मिसिंग टाइल सिंड्रोम

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मिसिंग टाइल सिंड्रोम,अरे नहीं जितना खतरनाक नाम है बात उतनी गंभीर है नहीं…हम बताते है कि ये है क्या बला.

दरअसल अमेरिका के एक वैज्ञानिक डेनिस प्रगेर ने एक रिसर्च किया.उन्होंने सुंदर टाइल्स लगवा के एक बढ़िया सा स्विमिंग पूल बनवाया लेकिन जानबूझकर एक टाइल खराब लगवाई, अब जो भी उस पूल में जाता,वो पूल की तारीफ से ज्यादा उस खराब टाइल की बुराई करता. तो जो डेनिस भैया है वो इस निष्कर्ष पर पहुंचे, कि इंसान जो है वो किसी बात में संतुष्ट नहीं होता और वो हर अच्छी चीज में कोई न कोई कमी जरूर ढूंढ लेता है,उनके अनुसार ये एक गंभीर बीमारी है जो हमारा सुख चैन सब छीन लेती है, उन्होंने इस बीमारी को नाम दिया मिसिंग टाइल सिंड्रोम

तो डेनिस भैया को कोई बताए कि रिसर्च के पीछे इतना पैसा बर्बाद करने से पहले जरा हम इंडिया वालों से पूछ लेते.हमारे यहाँ तो ये बीमारी राजा महाराजाओं के ज़माने से चली आ रही है,तभी तो कहावतें बनी….चाँद में दाग,घर की मुर्गी दाल बराबर, पड़ोसी की बीवी ज्यादा सुंदर,दूसरे की थाली का लड्डू बड़ा| ऐसी कई सारी कहावतें है जिनका संक्षिप्त में अर्थ यही है,कि इंसान नामक जीव ,जो उसके पास है उससे कभी संतुष्ट नहीं होता।

मिसेज वर्मा ने 5000 की साड़ी खरीदी और मिसेज शर्मा ने 5010 तो मिसेज शर्मा सुबह से पति को सौ बार सुना चुकी है”रहोगे कंजूस के कंजूस कहा था 5015 वाली साड़ी दिलवा दो पर नहीं तुम्हे तो पैसे बचाने थे|कटवा दी न हमारी नाक ..अब शर्माइन इतराएगी सबके सामने।”और अगर गुड्डू के 99%लाया है और पड़ोस के सोनू के 99.1% आए हैं,तो समझो गया गुड्डू काम से..कहा था न तुझे पढ़ ले पढ़ ले पर नहीं तुझे तो मटरगश्ती करनी है अब देख आ गए न सोनू के ज्यादा नंबर।और मिश्रा जी की वाइफ भले ही ऐश्वर्या राय सी दिखती हो पर पड़ोस के शुक्लाजी की वाइफ ही उन्हें मिस यूनिवर्स लगेगी।

तो डेनिस भैया ये तो बहुत पुरानी बीमारी है ,या यूं कह लो कि लाइलाज बीमारी है क्योंकि संतुष्ट होना इंसानी फितरत में ही नहीं है, लेकिन हमारे पास इसका इलाज भी है,अगर हम किसी बात से संतुष्ट नहीं है ,तो हम सामने वाले व्यक्ति  को और भी ज्यादा असंतुष्ट कर देते हैं, अब जैसे शर्माइन की साड़ी अगर ज्यादा महंगी है..तो हम कहेगे साड़ी तो ठीक है ,लेकिन बॉर्डर कैसा है फीका-फीका सा…बस हो गया उड़ गई नींद शर्माइन की..और हमको जो अच्छी नींद आती है न बाई गॉड हम बता भी नहीं सकते।ऐसे बहुत से उपाय हैं हमारे पास इस बीमारी के तो आप हमारी चिंता न करे और आपको चाहिए इलाज तो आ जाइये हमारे पास।

मंजुला दूसी

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