पता नहीं

read and feed

पता नहीं

पता नहीं आज भी कुछ लिखने का मन है

लेकिन सोच नहीं पा रही क्या लिखू ,

बहुत  सोच रही हु।

मन में हजार तरह के ख्वाब चल रहे है

पता  नहीं क्यों लिखे जा रही हु पता नहीं

क्यों बस लिखे जा रही हु

Related posts

Leave a Comment