तलाश

मैं अक्सर उदास रहता हूं आजकल 

मुझे तेरी मौज़ूदगी की तलाश है।

ये चांद ओर सितारे जो ओझल से लगते है,

मुझे अब सिर्फ जुगनुओं की तलाश है।

सुन ऐ जन्नत मेरी भले तू मुझसे खफा है,

मुझे अब सिर्फ ज़िन्दगी की तलाश है।

बहुत अकेला हो गया हूं जाने क्यों?

मुझे किसी साथ की तलाश है।

अजीब रुकावट वाले रास्ते तो बहुत है,

मुझे मुक़म्मल मंज़िल की तलाश है।

ढूंढ रहा हूं खुद में अब मुसलसल,

यकीनन अब मुझे खुद की ही तलाश है।

 

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