जियो थोड़ा खुद के लिए

अब जिओ थोड़ा खुद के लिए,

अब वक़्त निकालो थोड़ा,

अपने सपनों के लिए

अब भागो थोड़ा

अपनी सेहत के पीछे

अब रूको, सोचो ,

क्या कभी जिया अपने लिए?

रख लो अपने को फिट

अपने हिसाब से

कर दो मना जो ना पसंद हो आज से, अब जिओ थोड़ा ख़ुद के लिए।

उमा अग्रवाल गाजियाबाद

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