जागरूक नागरिक बनिए

जागरूक नागरिक बनिए

 भारत विश्व शक्ति बनने के पथ पर अग्रसर है। तो क्यों ना हम भी जागरूक नागरिक बने बजाएं भावनात्मक पिछलग्गू बनने के,अपनी आंख कान और दिमाग सक्रिय रखें ,और अपने दिमाग का रिमोट कंट्रोल किसी और को ना दे। भारत को कैसे खंड खंड में बांटा जाए यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है ।सभी जाति एवं धर्म एक ना हो, कुटिल ताकतों का पहला यही मकसद है। कंपनी सोशल मीडिया पर आपकी जानकारी प्राप्त कर हर व्यक्ति का एक साइकोलॉजिकल डाटा बनाती हैं फिर आपके डेटा के आधार पर आपको पोस्ट आते हैं जैसे मान लीजिए अगर कोई ब्राह्मण है तो उसको यह पोस्ट डाली जाएगी कुछ दलित आंदोलन के नाम पर ब्राह्मणों को गाली दे रहे हैं, ऐसा पढ़कर ब्राह्मणों का मन दलितों के प्रति टूट जाएगा, कोई मुस्लिम है तो उसको यह पोस्ट डाली जाएगी कैसे हिंदू मुसलमानों पर अत्याचार कर रहे हैं ,इसी तरह अन्य पोस्ट भी डाली जा सकती हैं ,लोग आपस में एक दूसरे से घृणा करेंगे। बस बन गया काम उनका तो, भारत का बच्चा-बच्चा लड़े और अपने विकास के पथ पर भ्रष्ट हो यही तो चाहते हैं वह लोग ,अब मन में विचार कीजिए अगर हम जाति या धर्म के धर्म के नाम पर लड़ते हैं तो भला किसका होना है- अगर वास्तव में विचार करना है तो यह विचार कीजिए देश में क्या काम हो रहा है, क्या होना चाहिए ,और अगर कुछ भी नहीं हो रहा है तो उसके क्या कारण है ?,और उनको कैसे सुधारा जा सकता है अगर कोई देश के विकास के लिए कुछ कर रहा है सबसे ज्यादा देश हित को प्राथमिकता हित को प्राथमिकता हित को प्राथमिकता दे रहा है तो साथ दें दें।

 सिद्धि पोद्दार

धन्यवाद

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