जन्मदिन विशेषः- गांधी जी , शास्त्री जी

 २ अक्टूबर १८६९ को महात्मा गाँधी एवं २ अक्टूबर १९०४ को देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म  हुआ था. महात्मा गांधी जिन्होंने सत्य एवं अहिंसा के तत्वों का प्रयोग करके जन आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत को देश छोड़ने को मजबूर किया जबकि लालबहादुर शास्त्री ने नेहरू जी के मृत्युं के बाद देश के द्वितीय प्रधानमंत्री के रूप में देश की कमान संभाली थी.वर्ष 1964 में  देश अकाल एवं अनाज की कमी से जूझ रहा था ऐसे वक्त उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया एवं स्वयं खेत में हल चलाकर देश के किसानो के मन में उत्साह का संचार किया था. साधा जीवन तथा उच्च विचार यह गांधी जी तथा शास्त्री जी में साम्यता थी. दोनों ही शालीन एवं शांत स्वभाव के व्यक्तित्व थे तथा उन्होंने हमेशा  देश के गरीब ,किसान एवं मजदुर के भलाई के लिए कार्य किया. शास्त्री जी के दूरदृष्टि के वजह से ही आज भारत गेहूं तथा अन्य  कृषि फंसलो के बारे में आत्मनिर्भर है. 

 
इसके अलावा 2 अक्टूबर यह दिवस आंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. लेकिन, गांधी जी जिन्होंने दुनिया के लोगों एवं देशवासियों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया आज उन्ही के देश में महिलाओं के खिलाफ क्रूरता से हिंसा की जा रही है. ऐसी घटनाएं  शर्मनाक है एवं समाज की सोच तथा कानून व्यवस्था पर  गंभीर सवाल खड़ी करती हैं. गांधी जी कहते थे मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सच्चाई मेरा भगवान है. अहिंसा उन्हें महसूस करने का साधन है. इसलिए आज यह समझना जरुरी है की किसी को कष्ट न देना ही परम धर्म है इसलिए सभी ने दिल में अहिंसक भावना को आत्मसात करके तथा गांधीवादी दृष्टिकोण अपनाकर देश में शांति प्रस्थापित करने का प्रयास करना चाहिए. तभी हम देशवासी आज बापू को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर पाएंगे.
 
 
 
 

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