गुरु

सम्पूर्ण ब्रह्मांड सा प्रेम, हमारे जीवन में भर देते हैं,
चेहरे पर एक हंसी देखने को अपार तकलीफ़ सह जाते हैं,
संघर्ष से लड़ना और जीवन का हर ज्ञान पल में सीखाते है,
हमारे हर स्वप्न का स्वागत कर, वो प्रथम गुरु कहलाते है
ईश्वर के इस धरा पर होने का साक्षात प्रमाण हैं,
मात-पिता व शिक्षक सिर्फ नाम नहीं महापुराण हैं।

 

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